व्यक्ति को कर्तव्यों के साथ नैतिक मूल्य की पहचान कराती है खादी : राज्यपाल

व्यक्ति को कर्तव्यों के साथ नैतिक मूल्य की पहचान कराती है खादी : राज्यपाल

देहरादून । राज्‍य कार्यालय, खादी और ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक एवं प्रभारी  राम नारायण ने वीरवार को उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले0ज0(से0नि0) गुरमीत सिंह, से मुलाकत की जिसपर उत्तराखण्‍ड राज्‍य में चल रही खादी ग्रामोद्योगी गतिविधियों पर विस्तृत परिचर्चा हुई । राज्यपाल  ने अपने संदेश में कहा कि खादी व्यक्ति को कर्तव्यों के साथ नैतिक मूल्य की पहचान कराती है। प्रत्येक व्यक्ति को खादी से जुड़ना चाहिए। कोरोना महामारी के दौरान खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने दुनिया को इसकी महत्‍ता को दिखा दिया है।

खादी के सम्‍बंध में उन्‍होंने कहा कि खादी के धागों ने हमें एकता में बांधा है, प्रत्‍येक भारतवासी को खादी की अवधारणा के बारे में जागृत किया जाना चाहिए। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत खादी कार्यकर्ता और बुनकरों को उन्‍होंने राष्‍ट्र निर्माण के स्‍तम्‍भ हैं। खादी के वस्‍त्र एवं ग्रामोद्योगी वस्‍तुओं को देखकर उन्‍होंने सराहना की और 15 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर 05 चयनित इकाईयों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्‍साहित करने को कहा, साथ ही राजभवन में अतिथियों को चाय परोसने हेतु खादी और ग्रामोद्योग आयोग के माध्‍यम से सृजित कारीगरों द्वारा तैयार कुल्‍हड की आपूर्ति करने को कहा गया, ताकि उनके उत्‍पाद को सही दाम और पहचान मिल सके साथ ही 200 खादी वस्‍त्र के गिफ्ट एवं 150 ग्रामोद्योगी गिफ्ट अतिथियों के उपहार हेतु आपूर्ति करने को कहा गया।
राज्‍य निदेशक  द्वारा भविष्‍य में जारी संदेशों में खादी और ग्रामोद्योग योजनाओं को सम्मिलित करने का भरोसा दिया है, साथ ही खादी और ग्रामोद्योग आयोग के प्रचार-प्रसार हेतु प्रदर्शनी व फैशन शो आयोजित करने को कहा गया, साथ ही ग्राम स्‍तर पर उत्‍पादित जैविक उत्‍पाद को वितरण हेतु अच्‍छा स्‍थान दिलाना सुनिश्चित कर का‍रीगरो को उत्‍पाद का सही दाम मिले, जिससे उसकी रोजी-रोटी के साथ-साथ स्‍वावलम्‍बन/आत्‍मनिर्भर भारत का निर्माण हो सके साथ ही उन्‍होंने अहवान किया है कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा एक यूनिवर्सिटी जोड़ने पर विचार किया जाना चाहिए, जहां पर नये-नये अनुसंधान, नई-नई तकनीक के साथ विश्‍व स्‍तर के नये-नये उत्‍पाद भविष्‍य की मांग के अनुरूप तैयार किये जा सके।
अंत में राज्‍य निदेशक द्वारा महामहिम राज्‍यपाल को खादी और ग्रामोद्योग कार्यक्रम की समीक्षा हेतु दिये गये  अवसर के लिए धन्‍यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्‍य में भी खादी और ग्रामोद्योग योजनाओं के बारे में अपने स्‍तर से मार्गदर्शित करते रहने का अनुरोध किया गया। बैठक के दौरान मुख्‍य रूप से खादी और ग्रामोद्योग आयोग  जे. एस. मलिक, सहायक निदेशक एवं श्री दर्शन सिंह, सहायक निदेशक द्वारा सयुक्त रूप से  योजनाओं की जानकारी पॉवर प्‍वाइंट परजेंटेशन के माध्‍यम से दी गयी। भेंट के दौरान राज्यपाल  का स्‍वागत पुष्‍पगुच्‍छ, सूत की माला एवं अंग वस्‍त्र भेट कर राज्‍य निदेशक द्वारा किया गया।

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