प्रदीप थापा हत्या मामले को सीबीआई के सुपर्द किये जाने की मांग

प्रदीप थापा हत्या मामले को सीबीआई के सुपर्द किये जाने की मांग

देहरादून। काशीपुर निवासी प्रदीप थापा की कथित हत्या से जुडे मामले ने वहाँ की क्षेत्रीय पुलिस व जनप्रतिनिधियों के लिये एक अनसुलझा सवाल खड़ा कर दिया है। काशीपुर की जनता व मृतक के परिजनों का आरोप है कि अभियुक्तों को बचाने का प्रयास कर क्षेत्रीय पुलिस अपराध को बढ़ावा दे रही है। गोर्खासमाज से जुड़े लोगों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई की मांग उठाई है।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय गोरखा मोर्चा पार्टी, एन डीए एलाइंस राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कैप्टन जेबी कार्की ने आज प्रेस क्लब स्थित उज्जवल रेस्टोरेंट में एक पत्रकार वार्ता के दौरान काशीपुर के ग्राम प्रतापपुर निवासी प्रदीप थापा की हत्या और क्षेत्रीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मांग की है की इस प्रकरण की सीबीआई जाँच हो और हत्या के दोषियों के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए।
मसूरी विधान सभा शहीद दुर्गमल्ल मंडल से भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा अनिता शास्त्री ने कहा कि अभितुक्तों को क्षेत्रीय पुलिस बचाने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि ग्राम प्रतापपुर निवासी प्रदीप थापा की मौत के मामले में पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट्स समेत तीन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था परन्तु पुलिस ने सीसीटीवी खंगालते हुए पोस्टमार्टम के कथित दस्तावेजो को अभियुक्तों के पक्ष मे दर्शाते हुए मरने वाले व्यक्ति की मौत को एक दुर्घटना का नाम दे रही है।
उन्होंने कहा कि
पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। जबकि तहरीर मे स्पष्ट है कि काशी संजय थापा पुत्र भगत सिंह थापा ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने कहा बीती तीन जुलाई की रात करीब आठ बजे अमरजीत सिंह उर्फ सोनू पुत्र मलकीत सिंह उसके भाई प्रदीप को अपनी बाइक पर बैठाकर थारी (रामनगर) ले गया था। उसके भाई के पास 50 हजार रुपये थे। उसका भाई रात भर घर नहीं आया। अगले दिन दोपहर ढाई बजे उसने पुलिस चौकी जाकर सूचना दी। पुलिस ने अमरजीत को बुलाकर पूछताछ की तो उसने बताया वह प्रदीप को गौशाला मोड़ पर कबाड़ी की दुकान के सामने उतारकर चला गया था। बताया पांच जुलाई को सुबह आठ बजे प्रदीप का शव सड़क किनारे गड्ढे में मिला। उसके शरीर पर खुली और गुम चोटें थीं। अमरजीत ने पहले भी उसके भाई से रुपये उधार लिए थे। इसे लेकर उनके बीच कई बार गाली गलौच हो चुकी थी। संजय ने अमरजीत और एक-दो अन्य व्यक्तियों पर उसके भाई की हत्या करने का आरोप लगाया है।

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